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दान की महिमा: जब राजा ने भिखारी से मांगी भीख

एक भिखारी सुबह-सुबह भीख मांगने निकला। चलते समय उसने अपनी झोली में जौ के मुट्ठी भर दाने डाल दिए। इस टोटके या अंधविश्वास के कारण कि भिक्षाटन के लिए निकलते समय भिखारी अपनी झोली खाली नहीं रखते। थैली देखकर दूसरों को भी लगता है कि इसे पहले से ही किसी ने कुछ दे रखा है। पूर्णिमा का दिन था। भिखारी …

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शास्त्रों के अनुसार, बिछिया पहनने से महिलाओं को होते हैं ये फायदे

शादीशुदा मह‍िलाओं के बीच सोलह शृंगार का विशेष महत्‍व होता हैं और इन सोलह शृंगारों में 15वें पायदान पर पैर की अंगुलियों में बिछ‍िया पहने का रिवाज है। सामाजिक मान्‍यताओं के अनुसार शादी के बाद प्रत्येक महिला को बिछिया पहननी चाहिए। इसे पहनना शुभ माना जाता है। आमतौर पर बिछिया चांदी की होती है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है …

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14 नवंबर तक हर रोज करें ये 5 काम, मिलेगा पुण्य लाभ

प्रत्येक युग में कार्तिक मास का अत्यधिक महत्व माना गया है। भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं की,‘पौधों में तुलसी मुझे प्रिय है, मासों में कार्तिक मुझे प्रिय है, दिवसों में एकादशी और तीर्थों में द्वारका मेरे हृदय के निकट है।’ धर्मशास्त्रों में कार्तिक मास को धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष देने वाला माना गया है। तुला राशि पर सूर्यनारायण के आते …

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कार्तिक महीने में करेंगे यह पाठ, लोक परलोक में भोगेंगे आनंद

कार्तिक का महीना उनके लिए आज से आरंभ हो गया है जो एकादशी से किसी भी मास के आरम्भ की गणना करते हैं, वे अगली एकादशी तक ही पूरा मास मानते हैं और जो लोग संक्रांति के हिसाब से चलते हैं वह सूर्य और जो चन्द्रमा के अनुसार चलते हैं वे पूर्णिमा की गणना के अनुसार मासिक नियम का पालन …

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स्त्री हो या पुरुष, इन 3 कार्यों में कभी नहीं करनी चाहिए शर्म

भारत में ऐसे अनेक दार्शनिक हुए हैं जिन्होंने अपने युग की समस्याओं के संदर्भ में मानवता को सच की राह दिखाई। चाणक्य भी उन्हीं में से एक थे। उनके अनुभवों का संग्रह यानी चाणक्य नीति आज भी कई समस्याओं का सही हल बताने वाली पुस्तक कही जा सकती है। वास्तव में यह चाणक्य के अनुभवों पर आधारित एक जीवन संहिता …

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सावधान! ये काम करके आप दूसरे के बुरे कर्म अपने ऊपर ले लेते हैं

कैसा लगता है जब कोई तुम पर दोषारोपण करता है? सामान्यत: जब कोई तुमको दोष देता है तो तुम बोझिल और खिन्न महसूस करते हो या दुखी हो जाते हो। तुम आहत होते हो क्योंकि तुम आरोपों का प्रतिरोध करते हो। बाहरी तौर पर तुम विरोध न भी करो परन्तु अंदर कहीं जब तुम प्रतिरोध करते हो तो तुम्हें पीड़ा …

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अद्भुत तरीके से प्रकट हुए श्री बालकृष्ण जानें, कैसे हुआ ये चमत्कार

एक दिन श्रील मध्वाचार्य जी समुद्र स्नान के लिये जा रहे थे। जाते-जाते आप श्रीकृष्ण के चिन्तन में मग्न थे। उसी में विभोर आप एक बालु की पहाड़ी पर चढ़ गये। उस समय आपने देखा कि दूर समुद्र की रेतिली भूमि में एक नाव फंस गयी है और वह बड़े ही अजीब ढंग से हिचकोले खा रही है। नाव को …

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सूनी गोद भर देती हैं मां कूष्माण्डा जानें, कैसे होगा यह चमत्का

श्लोक: या देवी सर्वभू‍तेषु कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। अवतार वर्णन: शास्त्रों के अनुसार देवी दुर्गा के चौथे स्वरूप में नवरात्र पर्व पर मां कूष्माण्डा की आराधना का विधान है, आदिशक्ति दुर्गा का कूष्माण्डा के रूप में चौथा स्वरूप भक्तों को संतति सुख प्रदान करने वाला है। इनकी आराधना से भक्तों को तेज, ज्ञान, प्रेम, उर्जा, वर्चस्व, …

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ऐसा क्या था बुद्ध के पैर में, एक ज्योतिषी रह गया दंग

आषाढ़ माह की गर्म दोपहर थी। भगवान बुद्ध अपने शिष्यों के साथ भ्रमण पर जा रहे थे। उस रास्ते में कहीं पेड़ भी नहीं थे। चारों तरफ बिखरी थी तो बस रेत ही रेत। रेत पर चलने के कारण तथागत् के पैरों के निशान बनते जा रहे थे। ये निशान सुन्दर थे। तभी अचानक शिष्यों को दूर एक पेड़ दिखाई …

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जमीन-जायदाद के मालिक बनना चाहते हैं तो करें मां शैलपुत्री का पूजन

या देवी सर्वभू‍तेषु मां शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। आधार: पौराणिक कथाओं के अनुसार नवदुर्गा के पहले स्वरूप में मां शैलपुत्री का पूजन किया जाता है, वास्तविकता में मां शैलपुत्री मूलरूप से महादेव शंकर कि अर्धांगिनी पार्वती जी का ही एक रूप हैं, मां पार्वती जी पूर्वजन्म में दक्ष प्रजापति की पुत्री सती थीं तथा उस जन्म …

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